थर्ड पार्टी बीमा क्या होता है ? Third Party Vehicle Insurance in Hindi कितना जरूरी है आपके लिए

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जब भी कहीं पर वाहन बीमा की बातें होते हैं | तो अक्सर Third Party Vehicle Insurance के बारे में बात जरुर की जाती हैं | कई लोगों को Third Party Vehicle Insurance के बारे में जानकारी नहीं है | बहुत से लोग ऐसे हैं | जिन्हें Third Party Vehicle Insurance क्या होता है | इसके बारे में जानकारी नहीं है | बीमा के बारे में तो थोड़ा बहुत सभी लोग जानते हैं | लेकिन जब भी Third Party Vehicle Insurance के बारे में बात की जाती है | उन्हें कुछ भी समझ में नहीं आता है |

 

वैसे वाहन बीमा आपके वाहन से किसी हादसे की परिस्थिति में आप पर आने वाले आकस्मिक देनदारी और कानूनी प्रक्रिया में सुरक्षा प्रदान करता है | और आपको बहुत सी समस्याओं से बचाता है | इसलिए आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से बताने वाले हैं | कि first पार्टी इन्शुरन्स क्या होता है , थर्ड पार्टी इन्शुरन्स मीनिंग इन हिंदी , थर्ड पार्टी इन्शुरन्स फॉर बाइक , पहली पार्टी और हिंदी में तीसरे पक्ष के बीमा के बीच अंतर , वाहन बीमा के प्रकार , वाहन बीमा की जानकारी ,Third Party Vehicle Insurance क्या होता है ? Third Party Vehicle Insurance का अर्थ क्या है ? और Third Party Vehicle Insurance करवाने से आपको क्या फायदा होता है ?

33Vehicle Insurance / बीमा क्या होता है –

थर्ड पार्टी वाहन बीमा / Third Party Vehicle Insurance के बारे में जानकारी प्राप्त करने से पहले हमें यह जानना बेहद आवश्यक है | आखिर बीमा होता क्या है | क्योंकि बिना वाहन बीमा के बारे में जानकारी प्राप्त की है | थर्ड पार्टी वाहन बीमा / Third Party Vehicle Insurance के बारे में समझ में नहीं आएगा | बात करें वाहन बीमा की तो वाहन बीमा किसी भी प्रकार की दुर्घटना होने पर हमें आर्थिक नुकसान होने से बचाता है |

 

वाहन बीमा आपके और किसी इंश्योरेंस कंपनी के बीच में एक कॉन्ट्रैक्ट द्वारा होता है | जिसके अंतर्गत कानूनी तौर पर एग्रीमेंट किया जाता है | कि आप जो प्रीमियम आप भरते हैं | उसके बदले इंश्योरेंस कंपनी आपके वाहन के साथ दुर्घटना होने की स्थिति में आपके नुकसान की भरपाई करेगी | ऑटो इंश्योरेंस कंपनी एग्रीमेंट के अनुसार बीमा कम्पनी Property, Liability (दायित्व) और मेडिकल कवरेज प्रदान करती है |

वाहन बीमा / Vehicle Insurance के प्रकार –

भारत में आमतौर पर वाहन बीमा दो प्रकार के होते हैं |

  1. एक फुल पार्टी बीमा (Full Party Beema)
  2. और दूसरा Third Party Vehicle Insurance (थर्ड पार्टी वाहन बीमा)

फुल पार्टी बीमा –

फुल पार्टी बीमा के अंतर्गत यदि किसी वाहन का के साथ दुर्घटना हो जाती है | तो उस दुर्घटना के दौरान होने वाले समस्त नुकसान की भरपाई बीमा कंपनी करती हैं | दुर्घटना में होने वाले वाहन के ड्राइवर , वाहन में बैठे हुए अन्य लोगों के साथ ही , दूसरे वाहन में बैठे लोग और वाहन में हुई सभी टूट फाट के नुकसान की पूरी भरपाई बीमा कंपनी करती है |

Third Party Vehicle Insurance In Hindi –

वाहन बीमा के अंतर्गत Third Party Vehicle Insurance का भी प्रावधान किया गया है | थर्ड पार्टी वाहन बीमा / Third Party Vehicle Insurance को लाइबिलिटी कवर के नाम से भी जाना जाता है | जैसा कि आप को नाम से ही पता चल गया होगा | कि यह बीमा तीसरे पक्ष के बीमा से संबंधित होता है | यदि किसी वाहन का Third Party Vehicle Insurance करवाया गया है | और वाहन के साथ कोई दुर्घटना हो गई है | तो इस थर्ड पार्टी वाहन बीमा / Third Party Vehicle Insurance के अंतर्गत दुर्घटना होने के दौरान तीसरे पक्ष को कवरेज प्रदान किया जाता है |

दुर्घटना के समय यदि तीसरे परिचय की मृत्यु अथवा घायल हो जाता है | तो बीमा कंपनी उसे मुआवजा प्रदान करती है | सरकार द्वारा Third Party Vehicle Insurance अनिवार्य कर दिया गया है | कोई भी वाहन बिना Third Party Vehicle Insurance के चलाया नहीं जा सकता है | आजकल भारत में जब भी कोई वाहन खरीदा जाता है | तो उसी समय वाहन डीलर बीमा कवरेज की गणना करके कीमत में जोड़ आपको बताता है | अब आपके दिमाग में यह सवाल जरूर आ रहा होगा | कि आखिर थर्ड पार्टी कौन है | तो आइए जानते हैं |

Third Party Insurance क्या है –

थर्ड पार्टी इंशुरंस के बारे में हमने आपको बताया लेकिन थर्ड पार्टी इंशुरंस को पूरी तरह से समझने के लिए आपको यह जानना बेहद आवश्यक है | आखिर थर्ड पार्टी कौन है ? चलिए हम आपको बताते हैं कि थर्ड पार्टी आखिर कौन होता है ?

वाहन बीमा के अंतर्गत 3 पक्षों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है | जो कि इस प्रकार है –

प्रथम पक्ष – प्रथम पक्ष व व्यक्तित्व संस्था है | जो बीमा खरीदता अथवा करवाता है |

द्वितीय पक्ष – वाहन बीमा के अंतर्गत द्वितीय पक्ष बीमा कंपनी होती है | जो कि बीमा पॉलिसी प्रथम पक्ष को बेचती है |

तृतीय पक्ष – ऊपर बताए गए दो पक्षों के अतिरिक्त एक और पक्ष भी होता है | जिसे हम तृतीय-पक्ष के रूप में जानते हैं | तृतीय पक्ष ऊपर दोनों पक्षों को छोड़कर अन्य कोई व्यक्ति या सामान आदि हो सकता है | जैसे यदि किसी वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने से किसी सामान या कोई व्यक्ति घायल अथवा मृत्यु हो जाती है | अथवा किसी सामान अथवा वस्तु का नुकसान हो जाता है | वही तृतीय पक्ष के रूप में जाना जाता है |

 

अब समझिये Third Party Insurance क्या होता है –

अब आपको थर्ड पार्टी के बारे में जरूर समझ में आ गया होगा| कि Third Party Insurance क्या होता है ? Third Party Insurance एक ऐसी बीमा पॉलिसी होती है | जिसमें ना तो प्रथम पक्ष यानी बीमा करवाने वाले व्यक्ति को , और ना ही द्वितीय पक्ष अर्थात बीमा करने वाले व्यक्ति को लाभ होता है | बल्कि इसमें लाभ किसी अन्य क्षतिग्रस्त होने वाले व्यक्ति अथवा सामान को प्रदान किया जाता है | जिसे तृतीय पक्ष कहा जाता है | इसीलिए इस प्रकार के बीमा पॉलिसी को Third Party Vehicle Insurance के नाम से जाना जाता है |

Third Party Insurance का क्या फायदा होता है –

बहुत से लोग यह सोचते हैं | कि Third Party Insurance कराने से बीमा कराने वाले व्यक्ति को लाभ नहीं मिलता है | हां यह सही है | लेकिन बीमा धारक को उन सभी आर्थिक नुकसान से Third Party Insurance बचाता है | जो किसी हादसे की परिस्थिति में किसी क्षतिग्रस्त व्यक्ति अथवा संपत्ति के लिए वाहन मालिक को भरपाई करनी पड़ती है | इन खर्चों में कानूनी और अस्पताल के खर्चे भी सम्मिलित होते हैं |

और मान लीजिये कहीं बाई चांस क्षतिग्रस्त होने वाले व्यक्ति अथवा सामान की हैसियत आपकी हैसियत से बहुत ज्यादा हुई | तो आप उसका हर्जाना का भी भुगतान करने लायक नहीं होंगे | आपका सब कुछ चला जाएगा | फिर भी आप उस दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति अथवा संपत्ति की भरपाई आप नहीं कर पाएंगे | तब ऐसी स्थिति में आपके हर्जाने की भरपाई बीमा कंपनी करती है |

इसे आप इस तरह समझ सकते हैं | मान लीजिए आपकी हैसियत ₹100000 की है | और आपके वाहन से किसी एक करोड़ कीमत की वस्तु का नुकसान हो गया है | तो आप इसका हर्जाना कभी नहीं भर पाएंगे | लेकिन यदि आपने बीमा करा रखा है | तो इसकी भरपाई बीमा कंपनी करेगी |

Third Party Vehicle Insurance के अंतर्गत सम्मिलित देनदारी –

भारतीय संविधान के अनुसार दुर्घटना से होने वाले शारीरिक अथवा संपत्ति के नुकसान का न्यूनतम मूल्य वाहन चालक को चुकाना अनिवार्य है | न्यूनतम देनदारी दुर्घटना के मामले की गंभीरता के अनुसार अलग-अलग होती है | भारतीय संविधान में इसके लिए नियम बनाए गए हैं |

थर्ड पार्टी वाहन बीमा / Third Party Vehicle Insurance के अंतर्गत मुख्य रूप से दो चीजों की देनदारी सम्मिलित की गई है |

  1. शारीरिक क्षति के लिए देनदारी
  2. संपत्ति की क्षति के लिए देनदारी

शारीरिक क्षेत्र के लिए देनदारी –

यदि थर्ड पार्टी वाहन बीमा / Third Party Vehicle Insurance के अंतर्गत कवर किया गया कोई वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो जाता है | और वाहन से किसी अन्य व्यक्ति को शारीरिक रूप से नुकसान होता है | तो उसका हर्जाना बीमा कंपनी द्वारा भरा जाता है | इस हर्जाने में अस्पताल का खर्च , उसकी कमाई को हुआ नुकसान और अन्य परेशानियों का खर्चा भी शामिल किया जाता है | दुर्घटना से प्रभावित व्यक्ति अथवा उसके परिवार को कितना हर्जाना मिलेगा | इसका निर्धारण उसकी कमाने की क्षमता , आर्थिक हैसियत पर निर्भर करता है |

संपत्ति की क्षति के लिए देनदारी –

थर्ड पार्टी वाहन बीमा / Third Party Vehicle Insurance के अंतर्गत संपत्ति को होने वाले नुकसान की भरपाई बीमा कंपनी द्वारा किया जाता है |

ध्यान रखें – Third Party Vehicle Insurance के अंतर्गत केवल दुर्घटना से हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई करने में बीमा कंपनी मदद की करती है | लेकिन आपके द्वारा किए गए अपराध पर की जाने वाली कानूनी कार्रवाई में कोई मदद नहीं करती है | इसकी प्रक्रिया आपको अलग से पूरी करनी होगी | हालांकि Third Party Vehicle Insurance होने से कानूनी प्रक्रिया थोड़ी कम हो जाती है |

थर्ड पार्टी वाहन बीमा / Third Party Vehicle Insurance की प्रीमियम दर –

भारती बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण आईआरडीए द्वारा Third Party Insurance के प्रीमियम का शुल्क निर्धारित किया जाता है | भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण द्वारा 1 रेट सूची भी जारी की जाती है | जिसके अनुसार ही इंश्योरेंस कंपनियां बीमा प्रीमियम का निर्धारण करते हैं | वर्ष 2018 – 19 के लिए प्रीमियम रेट दर कुछ इस प्रकार है –

प्राइवेट वाहन कार के लिए –

  1. 1000 सीसी से कम क्षमता वाली कार के लिए – ₹1850
  2. 1000 सीसी से 1500 सीसी क्षमता वाली कार के लिए – 2863 रुपए
  3. 1500 सीसी से अधिक क्षमता वाली कार के लिए – ₹7890

दो पहिया वाहन के लिए –

  1. 75 cc से कम क्षमता वाले दो पहिया वाहन के लिए – 427 रूपय
  2. 75 cc से 150cc तक के दो पहिया वाहन के लिए – ₹720
  3. 150cc से 350 सीसी तक के दो पहिया वाहन के लिए – ₹950
  4. 350 सीसी से ऊपर दो पहिया वाहन के लिए – 2323 रुपए

कमर्शियल वाहनों के लिए जैसे – डाला , टैक्सी , ट्रक आदि –

  1. 1000 सीसी से कम क्षमता वाले वाहन के लिए – 5437 रूपय
  2. 1000 सीसी से 1500 CC वाहन के लिए – 7147 रूपय
  3. 1500 CC से अधिक क्षमता वाले वाहन के लिए – ₹9472

तो दोस्तों यह थी थर्ड पार्टी वाहन बीमा / Third Party Vehicle Insurance के बारे में आवश्यक जानकारी | आशा करते हैं कि आपको थर्ड पार्टी वाहन बीमा / Third Party Vehicle Insurance के बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त हो गई होगी | और अब आप को किसी अन्य व्यक्ति से कुछ भी पूछने की आवश्यकता नहीं होगी | यदि आपको यह जानकारी अच्छी लगे | तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करना ना भूलें | ताकि उन्हें भी इसके बारे में जानकारी प्राप्त हो सके | इसके साथ ही यदि यही आपका किसी भी प्रकार का सवाल हो तो नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करें | हम आपके सवालों का जल्दी जवाब देंगे || धन्यवाद ||

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