Census 2021: Family specific details will be filled online

Census 2021: Family specific details will be filled online

10 01 2020 census 2021

जनगणना 2021: खुद ऑनलाइन भर सकेंगे घर-परिवार का ब्योरा

पूरे देश में अगले साल शुरू होने वाली जनगणना इस बार हाईटेक होगी। आप चाहें तो घर बैठे अपने मकान और परिवार का ब्योरा ऑनलाइन भर सकेंगे। यह जनगणना महानिदेशालय द्वारा तैयार वेब पोर्टल के जरिये भरा जाएगा। जनगणना में इस बार आपको अपना मोबाइल नंबर भी दर्ज कराना होगा।

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गणनाकार आपके घर पर तब तक आता रहेगा और पूछताछ करता रहेगा जब तक आप पोर्टल पर ऑनलाइन सारे सवालों के जवाब दर्ज नहीं कर देते। गणनाकार से वादा करके आप ऑनलाइन ब्योरा दर्ज करने से बच नहीं पाएंगे। जो लोग ऑनलाइन पोर्टल पर खुद ब्योरा दर्ज नहीं करना चाहते वह गणनाकार को सवालों के जवाब देंगे और आपके सामने ही गणनाकार या तो कागज की शीट पर या फिर स्मार्ट मोबाइल के एप पर आपके जवाब दर्ज करेगा।

एक अप्रैल 2020 से शुरू होगी जनगणना
वर्ष 2011 की ही तरह इस बार की जनगणना भी दो चरणों में होगी। पहला चरण अगले साल यानि वर्ष 2020 में एक अप्रैल से 30 सितंबर के बीच के डेढ़ महीनों में होगा। यह काम राज्य व केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों द्वारा उपलब्ध करवाये गए कर्मचारियों से कराया जाएगा। दूसरा चरण 2021 में 9 से 28 फरवरी के बीच होगा। 28 फरवरी की रात बेघरों की गणना होगी।

देने होंगे 62 सवालों के जवाब
पहले चरण में मकान सूचीकरण व मकानों की गणना से जुड़े 34 सवाल पूछे जाएंगे जबकि दूसरे चरण में आपके परिवार से जुड़े 28 सवाल पूछे जाएंगे। 2011 की जगणना में पहले चरण में 35 और दूसरे चरण में 29 सवाल पूछे गये थे।

एससी-एसटी का जुटाया जाएगा आंकड़ा
राजनीतिक दलों यहां तक की केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा के सहयोगी दलों द्वारा भी बार-बार मांग किए जाने के बावजूद इस बार भी जाति से जुड़े आंकड़े संकलित नहीं किए जाएंगे। सिर्फ एससी-एसटी से जुड़े सवाल ही पूछे जाएंगे।

आपका धर्म पूछा जाएगा
आप किस धर्म में आस्था रखते हैं इस बाबत सवाल तो पूछा ही जाएगा। बताना होगा कि आप हिन्दू हैं या मुसलमान या सिख या ईसाई….। इस बार की जनगणना के सवालों के कालम में एक और बदलाव यह हुआ है- लिंग के कालम में  ‘अन्य’  खत्म कर दिया गया है और उसकी जगह ‘तृतीय लिंग’ यानि थर्ड जेण्डर दर्ज किया गया है। इससे देश में किन्नरों के बाबत भी समुचित आंकड़े मिल सकेंगे।

जनगणना 2021 के लिए राजपत्र जारी, देनी होगी 31 जानकारी

जनगणना के लिए सरकार ने 31 सवाल तैयार किए हैं, जिसमें घर की दीवार, छत से लेकर स्मार्टफोन और किचन व टॉयलेट भी शामिल है। जनगणना कार्य में लगे कर्मचारी घर में रहने वाले हर व्यक्ति की सूची तैयार करने के लिए घर-घर जाएंगे। घर से जुड़ी जानकारी देनी होगी

  • मोबाइल एप के जरिए पूछे जाएंगे 31 प्रश्न
    -भवन नंबर (नगर या स्थानीय प्राधिकरण अथवा जनगणना नंबर)
    -जनगणना मकान नंबर
    -जनगणना मकान के फर्श, दीवार तथा छत से प्रयुक्त प्रमुख सामग्री
    -जनगणना मकान के उपयोग
    -जनगणना मकान की हालत
    -परिवार क्रमांक
    -परिवार में सामान्यत: रहने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या
    -परिवार के मुखिया के नाम
    -परिवार के मुखिया का लिंग
    -क्या परिवार का मुखिया अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य से संबंधित है
    -मकान के स्वामित्व की स्थिति
    -परिवार के पास रहने के लिए उपलब्ध कमरों की संख्या
    -परिवार में रहने वाले विवाहित दंपत्तियों की संख्या
    -पेयजल का मुख्य स्रोत
    -पेयजल स्रोत की उपलब्धता
    -प्रकाश का मुख्य स्रोत
    -शौचालय की सुलभता
    -शौचालय के प्रकार
    -गंदे पानी की निकासी
    -स्नानगृह की उपलब्धता
    -रसोईघर और एलपीजी/पीएनजी कलेक्शन की उपलब्धता
    -खाना पकाने के लिए प्रयुक्त मुख्य ईंधन
    -रेडियो/ट्रांजिस्टर
    -टेलीविजन
    -इंटरनेट सुविधा
    -लैपटॉप/कंप्यूटर
    -टेलीफोन/मोबाइल फोन/स्मार्ट फोन
    -साइकिल/स्कूटर/मोटर साइकिल/मोपेड
    -कार/जीप/वैन
    -परिवार का उपभोग किया जाने वाला मुख्य आनाज
    -मोबाइल नंबर(केवल जनगणना संबंधी सूचना के लिए)

जनगणना कार्य के लिए भारत सरकार की तरफ से अधिसूचना की कापी मिल गई है। इसके लिए मास्टर ट्रेनर जनगणना कार्य करने वाले अधिकारी और कर्मचारी को प्रशिक्षण देंगे ताकि जनगणना कार्य में किसी तरह की चूक न हो।

जनगणना 2021: खुद ऑनलाइन भर सकेंगे घर-परिवार का ब्योरा

पूरे देश में अगले साल शुरू होने वाली जनगणना इस बार हाईटेक होगी। आप चाहें तो घर बैठे अपने मकान और परिवार का ब्योरा ऑनलाइन भर सकेंगे। यह जनगणना महानिदेशालय द्वारा तैयार वेब पोर्टल के जरिये भरा जाएगा। जनगणना में इस बार आपको अपना मोबाइल नंबर भी दर्ज कराना होगा।

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गणनाकार आपके घर पर तब तक आता रहेगा और पूछताछ करता रहेगा जब तक आप पोर्टल पर ऑनलाइन सारे सवालों के जवाब दर्ज नहीं कर देते। गणनाकार से वादा करके आप ऑनलाइन ब्योरा दर्ज करने से बच नहीं पाएंगे। जो लोग ऑनलाइन पोर्टल पर खुद ब्योरा दर्ज नहीं करना चाहते वह गणनाकार को सवालों के जवाब देंगे और आपके सामने ही गणनाकार या तो कागज की शीट पर या फिर स्मार्ट मोबाइल के एप पर आपके जवाब दर्ज करेगा।

एक अप्रैल 2020 से शुरू होगी जनगणना
वर्ष 2011 की ही तरह इस बार की जनगणना भी दो चरणों में होगी। पहला चरण अगले साल यानि वर्ष 2020 में एक अप्रैल से 30 सितंबर के बीच के डेढ़ महीनों में होगा। यह काम राज्य व केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों द्वारा उपलब्ध करवाये गए कर्मचारियों से कराया जाएगा। दूसरा चरण 2021 में 9 से 28 फरवरी के बीच होगा। 28 फरवरी की रात बेघरों की गणना होगी।

देने होंगे 62 सवालों के जवाब
पहले चरण में मकान सूचीकरण व मकानों की गणना से जुड़े 34 सवाल पूछे जाएंगे जबकि दूसरे चरण में आपके परिवार से जुड़े 28 सवाल पूछे जाएंगे। 2011 की जगणना में पहले चरण में 35 और दूसरे चरण में 29 सवाल पूछे गये थे।

एससी-एसटी का जुटाया जाएगा आंकड़ा
राजनीतिक दलों यहां तक की केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा के सहयोगी दलों द्वारा भी बार-बार मांग किए जाने के बावजूद इस बार भी जाति से जुड़े आंकड़े संकलित नहीं किए जाएंगे। सिर्फ एससी-एसटी से जुड़े सवाल ही पूछे जाएंगे।

आपका धर्म पूछा जाएगा
आप किस धर्म में आस्था रखते हैं इस बाबत सवाल तो पूछा ही जाएगा। बताना होगा कि आप हिन्दू हैं या मुसलमान या सिख या ईसाई….। इस बार की जनगणना के सवालों के कालम में एक और बदलाव यह हुआ है- लिंग के कालम में  ‘अन्य’  खत्म कर दिया गया है और उसकी जगह ‘तृतीय लिंग’ यानि थर्ड जेण्डर दर्ज किया गया है। इससे देश में किन्नरों के बाबत भी समुचित आंकड़े मिल सकेंगे।

जनगणना में अगर दिया झूठा जवाब तो लगेगा 1 हजार का जुर्माना, लोगों से पूछे जाएंगे ये सवाल

:If given false answer in census then fine of 1 thousand will be asked these questions from people

वर्ष 2021 में होने वाली जनगणना के दौरान पूछे जाने वाले सवालों का यदि कोई मकान मालिक गलत जवाब देता है तो उसे एक हजार रुपए तक जुर्माना भरना पड़ सकता है। केंद्र सरकार ने 1 अप्रेल, 2021 से 30 सितंबर, 2021 तक होने वाली जनगणना 2021 के दौरान पूछे जाने वाले सवालों की लिस्ट जारी की है, इसमें हाउस लिस्टिंग एंड हाउसिंग सेंसस के दौरान हर घर से जानकारी जुटाने के लिए करीब 31 सवाल पूछने के निर्देश दिए गए है। खास बात ये हे कि इन सवालों का जानबूझकर गलत जवाब देने पर एक हजार रुपए तक भरने पड़ सकते हैं।

ये जानकारियां पूछी जाएंगी
जनगणना के दौरान अधिकारी घर के मुखिया के मोबाइल नंबर, शौचालय के बारे में जानकारी, टीवी, इंटरनेट, निजी वाहनों, पेयजल स्रोतों सहित कई तरह की जानकारियां मांगेंगे। अधिसूचना में साफ कर दिया गया है कि मोबाइल नंबर सिर्फ जनगणना से संबंधित जानकारी के लिए मांगा जाएगा और किसी दूसरे उद्देश्य के लिए नहीं।

नेशनल रेजिडेंसियल सर्टिफिकेट (एनआरसी)
– रसोई के लिए इस्तेमाल होने वाला ईंधन
– रेडियो, ट्रांजिस्टर आदि इलेक्ट्रानिक उपकरण
– टेलीविजन, मोबाइल, इंटरनेट सुविधा है या नहीं
– आपके पास लैपटॉप, कंप्यूटर है या नहीं
– टेलिफोन, मोबाइल फोन, स्मार्टफोन
– साइकिल, स्कूटर, मोटरसाइकिल, मोपेड
– कार, जीप, वैन आदि कौन से वाहन है
– घर में किस अनाज का मुख्य रूप से इस्तेमाल होता है

लोगों से पूछे जाएंगे ये सवाल

  • बिल्डिंग नंबर, म्यूनिसिपल या स्थानीय अथॉरिटी या जनगणना नंबर
  • मकान की छत, दीवार और सीलिंग में इस्तेमाल किया गया मटेरियल
  • आपके मकान का इस्तेमाल किस किस चीज़ के लिए किया जा रहा है
  • मकान की स्थिति क्या है, आपके घर के मुखिया का नाम क्या है
  • मकान का नंबर, आमतौर पर रहने वाले लोगों की कुल संख्या कितनी है
  • मुखिया एससी, जनजाति या किसी दूसरे समुदाय से ताल्लुक रखते हैं
  • मकान का ओनरशिप स्टेट्स क्या है, मकान में मौजूद कमरों की संख्या
  • घर में कितने शादीशुदा जोड़े रहते हैं, कुल कितने लोग मकान में रहते हैं
  • घर में पीने के पानी का मुख्य स्रोत और घर में पानी का स्रोत क्या क्या है
  • बिजली का मुख्य स्रोत, घर में शौचालय है या नहीं, किस तरह के शौचालय
  • आपके मकान में ड्रेनेज सिस्टम कैसा है, मकान में वॉशरूम है भी या नहीं
  • घर में रसोई घर है या नहीं, उसमें नल कनेक्शन है या नहीं

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